

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा (हमीरपुर)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी उचित दर की दुकानों पर लगाई गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी अनदेखी का मामला सामने आया है। कस्बे के एक उचित दर विक्रेता की दुकान पर तैनात उर्दू शिक्षक फखरुद्दीन के ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने पर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल को की गई जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित शिक्षक विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कोटा ड्यूटी के नाम पर निकल गए, लेकिन वह न तो वितरण केंद्र पर मौजूद थे और न ही विद्यालय में। इस प्रकार वह दोनों स्थानों से अनुपस्थित पाए गए।
मामले में जब खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार कमल से जानकारी ली गई तो उनके बयानों में विरोधाभास देखने को मिला। पहले उन्होंने शिक्षक की ड्यूटी डिग्री कॉलेज में होना बताया। बाद में पूछताछ के दौरान उन्होंने स्पष्ट जानकारी देने से बचते हुए गोलमोल जवाब दिया। वहीं पुनः पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शिक्षक की ड्यूटी अगले दिन से डिग्री कॉलेज में लगाई गई है।
अधिकारी के अलग-अलग बयानों से मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे विभागीय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकार की लापरवाही जारी रही तो राशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
